सोनीपत। सफाई कर्मचारी दिवस के अवसर पर अमर शहीद दादा भोप सिंह की स्मृति में शहर में श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और शहर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। सभी ने शहीद दादा भोप सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान को याद किया तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1957 में दिल्ली के पंचकुइयां रोड से ढंगी कॉलोनी तक सफाई कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर ऐतिहासिक आंदोलन चलाया गया था। इसी आंदोलन के दौरान दादा भोप सिंह पुलिस की गोली का शिकार हुए और अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। उनका बलिदान सफाई कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई में मील का पत्थर साबित हुआ। उनकी शहादत के बाद देशभर में सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की आवाज को नई मजबूती मिली।
वक्ताओं ने कहा कि दादा भोप सिंह केवल एक नाम नहीं, बल्कि संघर्ष, सामाजिक न्याय और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि संगठित समाज ही अपने अधिकार हासिल कर सकता है। उनके संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष सफाई कर्मचारी दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
समारोह में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि आज भी देश के अनेक हिस्सों में सफाई कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं। कई वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों का शीघ्र निस्तारण किया जाए, उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां, सामाजिक सुरक्षा, स्थायी रोजगार, उचित वेतन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
कार्यक्रम का समापन अमर शहीद दादा भोप सिंह को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा उनके संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा लेकर समाज में समानता, सम्मान और न्याय की भावना को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।